बार-बार बीमार पड़ते हैं? कुंडली में कमजोर चंद्रमा और राहु के कारण व अचूक स्वास्थ्य उपाय

दवाइयां काम नहीं कर रहीं और मन हमेशा अशांत रहता है? आपकी कुंडली के ये 2 ग्रह हो सकते हैं जिम्मेदार, आज ही करें ये सरल उपाय!

बार-बार बीमार पड़ते हैं? कुंडली में कमजोर चंद्रमा और राहु के कारण व अचूक स्वास्थ्य उपाय, बार बार बीमार पड़ना

बार-बार बीमार पड़ते हैं? कुंडली में कमजोर चंद्रमा और राहु हो सकते हैं कारण जाने बेहतर सेहत के उपाय: 

स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है लेकिन कई बार हम देखते हैं कि अच्छा खान-पान और इलाज के बावजूद कुछ लोग लगातार बीमारियों से गिरे रहते हैं। मेडिकल साइंस जहां इसे इम्यूनिटी की कमी कहता है वही ज्योतिष शास्त्र इसके पीछे कुंडली के ग्रहों की खराब स्थिति को जिम्मेदार मानता है।

बार बार बीमार पड़ने का ज्योतिष कारण – चंद्रमा और राहु दोष

यदि आपका मन हमेशा और शांत रहता है रात को नींद नहीं आती या आप अकारण चिंता में डूबे रहते हैं तो इसका सीधा संबंध आपके चंद्रमा और राहु की स्थिति से है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि ग्रहण का हमारे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है और इन्हें ठीक करने के अचूक उपाय क्या है। 

  1. रोगों के लिए जिम्मेदार मुख्य ग्रह-

ज्योतिष में हर ग्रह शरीर के एक विशेष हिस्से और बीमारी को नियंत्रित करता है: 

चंद्रमा: यह हमारे मन और मस्तिष्क का कारक है। यदि चंद्रमा कमजोर हो तो मानसिक तनाव अवसाद नींद ना आने और कफ संबंधी समस्या होती है। 

राहु: राहु रहस्यमई बीमारियों काकारक है। ऐसी बीमारियां जिनका डॉक्टर भी पता नहीं लगा पाए वह अक्सर राहु के कारण होती है। यह भय और भ्रम पैदा करता हैं।

सूर्य: सूर्य हमारी हड्डियों और नेत्र ज्योति का कारक है। कमजोर सूर्य से आत्मविश्वास की कमी और हृदय रोग हो सकते हैं। 

मंगल: मंगल रक्त और ऊर्जा का कारक है। इसकी खराब स्थिति से दुर्घटनाएं और सर्जरी की संभावना बढ़ती है। 

  2. मानसिक शांति और चंद्रमा-

मां की शांति के लिए चंद्रमा का शुभ होना बहुत जरूरी है। यदि चंद्रमा आपकी कुंडली में केमद्रुम दोष बना रहा है या शनि के साथ विष योग बना रहा है, तो आप हमेशा मानसिक रूप से परेशान रहेंगे। 

लक्षण: छोटी-छोटी बात पर रोना आना घबराहट होना और नकारात्मक विचार आना। 

  3. स्वास्थ्य सुधारने के ज्योतिषीय उपाय-

A. चंद्रमा को मजबूत करने के उपाय चांदी का प्रयोग: हाथ में चांदी का कथाया अंगूठा पहने। रात के समय चांदी के गिलास में पानी पीना भी बहुत लाभकारी होता है। 

पूर्णिमा का व्रत: पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को दूध मिश्रित जल का अर्घ्य दे।

मां का सम्मान: ज्योतिष में मां चंद्रमा का रूप होती है। अपनी माता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने से चंद्रमा शुभ फल देने लगता है। 

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B. राहु के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय-

शिव पूजा: राहु को केवल भगवान शिव ही नियंत्रित कर सकते हैं। सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और ॐ नमः शिवाय का जाप करें। 

गंदे कपड़ों से बचें: राहु गंदगी और नीले रंग से जुड़ा है। हमेशा साफ सुथरे रहे और फटे हुए कपड़े ना पहने। 

जो का दान: रात को सोते समय अपने सिरहाने थोड़ी जो रखें और सुबह उसे पक्षियों को खिला दें।

C. सूर्य और मंगल के लिए उपाय:

गायत्री मंत्र: प्रतिदिन सुबह 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। 

लाल चंदन का तिलक: माथे पर लाल चंदन का तिलक लगाने से मंगल शांत होता है और मानसिक एकाग्रता बढ़ती है। 

  4. स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय मंत्र की शक्ति-

यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार है और ठीक नहीं हो रहा तो महामृत्युंजय मंत्र का जब उसके लिए संजीवन का काम करता है: 

” ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टि वर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||

इस मंत्र का सवा लाख जाप करने या श्रवण करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और स्वास्थ्य में सुधार आता है।

  5. मानसिक शांति के लिए वास्तु टिप्स आपके घर का वातावरण भी आपकी मानसिक स्थिति को प्रभावित करता है: 

उत्तर पूर्व: इस दिशा को हमेशा खाली और साफ रखें। यहां कचरा होने से घर के सदस्यों को सिर दर्द और तनाव की समस्या रहती है। 

सोने की दिशा: हमेशा दक्षिण की ओर सर और उत्तर की ओर पैर करके सोए। इससे गहरी नींद आती है और ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है। 

पानी की बर्बादी रोकें: घर में पानी का टपकना चंद्रमा को खराब करता है जिससे मासिक और शांति बढ़ती है। 

  6. आरोग्य के लिए विशेष टोटके-

पीली सरसों का उपाय: रोगी के कमरे में एक कटोरी में पीली सरसों भरकर रखें इससे नकारात्मक शक्तियां दूर रहती है। 

अस्पताल में दान: यदि कोई दवा असर नहीं कर रही तो किसी सरकारी अस्पताल में मुफ्त दबाया या भोजन का दान करें। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न-

प्रश्न: क्या रतन में स्वास्थ्य ठीक हो सकता है? 

उत्तर: हां, चंद्रमा के लिए मोती और सूर्य के लिए माणिक्य बहुत असरदार होते हैं लेकिन किसी अच्छे ज्योतिषी से परामर्श के बाद ही इन्हें पहने। 

प्रश्न: नींद ना आने पर क्या उपाय करना चाहिए? 

उत्तर: सोते समय अपने पास एक तांबे के लोटे में पानी भरकर रखें और सुबह उसे किसी पौधे में डाल दें। साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करके सोए।

प्रश्न: मानसिक तनाव कम करने के लिए कौन सा दान श्रेष्ठ है? 

उत्तर: चावल दूध और चीनी का दान सोमवार के दिन करना मानसिक शांति के लिए उत्तम है। 

निष्कर्ष:

स्वास्थ्य ही असली धन है। जहां डॉक्टर शारीरिक इलाज करते हैं वही ज्योतिष ग्रहों को संतुलित करके शरीर की आंतरिक ऊर्जा को ठीक करता है। यदि आप दबाव के साथ-साथ इन ज्योतिषी उपाय को भी अपनाते हैं तो आप बहुत जल्दी स्वस्थ होकर एक शांतिपूर्ण जीवन जी सकते हैं।

Author Bio :
Lokesh Joshi एक अनुभवी ज्योतिषी और आध्यात्मिक लेखक हैं, जिन्हें वैदिक ज्योतिष, ग्रह दोष और स्वास्थ्य ज्योतिष में 5+ वर्षों का अनुभव है। उन्होंने हजारों कुंडलियों का अध्ययन कर लोगों को स्वास्थ्य, मानसिक शांति और जीवन की समस्याओं से बाहर निकलने के सरल ज्योतिषीय उपाय बताए हैं।
उनका उद्देश्य प्राचीन ज्योतिष ज्ञान को सरल भाषा में आम लोगों तक पहुँचाना है। वर्तमान में वे Grahgyan.com के माध्यम से ज्योतिष, राशिफल और ग्रह दोष से जुड़े विश्वसनीय लेख प्रकाशित करते हैं।

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