भारतीय ज्योतिष में बारह राशियों का उपयोग आकाशीय चक्र को विभाजित करने के लिए किया जाता है।
बारह राशियाँ हैं—मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन। परंपरागत साहित्य में इन्हें अग्नि, पृथ्वी, वायु और जल जैसे तत्वों से जोड़ा जाता है।
किसी व्यक्ति के पूरे व्यक्तित्व का निष्कर्ष केवल राशि से नहीं निकाला जाता। लग्न, चंद्र राशि और अन्य ग्रहों की स्थिति भी पारंपरिक व्याख्या में देखी जाती है।
संक्षेप में
इस विषय को उसकी पारंपरिक और सामान्य जानकारी के संदर्भ में समझें। महत्वपूर्ण व्यक्तिगत निर्णय केवल इस लेख के आधार पर न लें।