राहुकाल पंचांग परंपरा में दिन के एक विशेष समयखंड को कहा जाता है।
कई धार्मिक परंपराओं में इस समय नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की मान्यता मिलती है। इसका समय हर दिन और स्थान के अनुसार बदल सकता है। यह एक पारंपरिक अवधारणा है, इसलिए इसे निश्चित परिणाम की वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।
संक्षेप में
इस विषय को उसकी पारंपरिक और सामान्य जानकारी के संदर्भ में समझें। महत्वपूर्ण व्यक्तिगत निर्णय केवल इस लेख के आधार पर न लें।