पूर्णिमा और अमावस्या हिंदू पंचांग की दो महत्वपूर्ण तिथियाँ हैं।
पूर्णिमा शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि और अमावस्या कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि मानी जाती है। इनके साथ अलग-अलग क्षेत्रों में धार्मिक परंपराएँ जुड़ी हैं। किसी व्रत या अनुष्ठान की तारीख के लिए स्थानीय पंचांग देखना उपयोगी है क्योंकि गणना स्थान के अनुसार बदल सकती है।
संक्षेप में
इस विषय को उसकी पारंपरिक और सामान्य जानकारी के संदर्भ में समझें। महत्वपूर्ण व्यक्तिगत निर्णय केवल इस लेख के आधार पर न लें।