नक्षत्र भारतीय ज्योतिष की महत्वपूर्ण अवधारणा हैं। पारंपरिक प्रणाली में आकाशीय पथ को 27 प्रमुख नक्षत्र क्षेत्रों में बाँटा जाता है।
अश्विनी से रेवती तक 27 नक्षत्रों का क्रम पढ़ाया जाता है। जन्म नक्षत्र निकालने के लिए जन्म समय और स्थान की गणना आवश्यक होती है। पंचांग में भी नक्षत्र एक महत्वपूर्ण अंग है।
नक्षत्रों को उनके नाम, क्रम, स्वामी ग्रह और पारंपरिक गुणों के आधार पर आगे समझा जा सकता है।
संक्षेप में
इस विषय को उसकी पारंपरिक और सामान्य जानकारी के संदर्भ में समझें। महत्वपूर्ण व्यक्तिगत निर्णय केवल इस लेख के आधार पर न लें।